जन्म, मृत्यु व विवाह पंजीकरण
राजस्थान सरकार ने जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र बनवाना अब और आसान कर दिया है।
रजिस्ट्रार के पास सीधे जाकर या ई-मित्र पर, पहचान पोर्टल पर या पहचान मोबाईल ऐप से आवेदन किया जा सकता है।
जन्म प्रमाण पत्र बनवानाजन्म प्रमाण पत्र बनवाना
- ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत में मौजूद रजिस्ट्रार के पास जाकर जन्म प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है।
- रजिस्ट्रार द्वारा जन्म रिपोर्ट प्रपत्र संख्या 1 में आवश्यक जानकारी दर्ज कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
- यदि बच्चे का जन्म शहरी क्षेत्र में हुआ है तो नगर पालिका, नगर परिषद या नगर निगम में रजिस्ट्रार के पास जाकर जन्म पंजीकरण करवाया जा सकता है।
- सरकारी अस्पताल में यदि बच्चे का जन्म होता है तो आप वहां मौजूद उप रजिस्ट्रार से जन्म प्रमाण पत्र 21 दिन तक प्राप्त कर सकते हैं।
- यदि जन्म निजी अस्पताल में हुआ है तो चिकित्सालय द्वारा जन्म पंजीकरण का आवेदन पहचान पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कर दिया जाता है। जन्म प्रमाण पत्र संबंधित रजिस्ट्रार से प्राप्त किया जा सकता है।
- सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की ऑनलाइन सुविधा भी दी है।
- इसके लिये ई-मित्र पर जाकर जन्म पंजीकरण के लिए आवेदन किया जा सकता है।
- इसके अलावा आप 'पहचान' ऐप द्वारा भी जन्म पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- यहां आप अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।
- प्रमाण पत्र बनने के बाद यह आपको अपनी ई-मेल आई.डी. पर मिल जाता है।
- यदि आपका ई-वॉल्ट अकाउंट है तो ये प्रमाण पत्र सीधा आपके ई-वॉल्ट में भी चला जाता है।
- आवेदक को आवेदन एवं पंजीयन की स्थिति की सूचना एसएमएस द्वारा मोबाईल पर दी जा रही है।
जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी अन्य आवश्यक बातें
- जन्म का पंजीकरण करवाना कानुनन अनिवार्य है।
- जन्म पंजीकरण 21 दिन के भीतर निःशुल्क करवाया जा सकता है।
- अगर बच्चे का जन्म हुए 21 दिन से ज़्यादा का समय हो चुका है तो 30 दिनों तक विलंब शुल्क के साथ पंजीकरण करवाया जा सकता है।
- इसके बाद जन्म के 30 दिन से 1 वर्ष तक पाई पेपर पर एक शपथ पत्र से ज़िला रजिस्ट्रार या अतिरिक्त ज़िला रजिस्ट्रार की लिखित अनुज्ञा द्वारा विलम्ब शुल्क देकर किया जाता है।
- यदि 1 वर्ष से ज़्यादा का समय हो चुका है तो क्षेत्र के कार्यकारी मजिस्ट्रेट (जिला कलेक्टर, उप जिला कलेक्टर, उप खण्ड अधिकारी, सहायक कलेक्टर, तहसीलदार) की अनुज्ञा आवश्यक है एवं विलम्ब शुल्क देकर किया जाता है।
- बच्चे का नामकरण किये बिना भी जन्म पंजीकरण करवाया जा सकता है। इसमें बाद 15 वर्ष तक प्रमाण पत्र में बच्चे का नाम लिखित सूचना देकर जुड़वाया जा सकता है।
इन कामों में आवश्यक है जन्म प्रमाण पत्र
- स्कूल में प्रवेश
- राशन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने
- मतदाता सूची में नाम जुड़वाने
- भामाशाह या आधार कार्ड बनवाने
- बीमा प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण पत्र
मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना
- ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत में मौजूद रजिस्ट्रार के पास जाकर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है।
- रजिस्ट्रार द्वारा मृत्यु रिपोर्ट प्रपत्र संख्या 2 में आवश्यक जानकारी दर्ज कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
- जन्म प्रमाण पत्र की तरह ही मृत्यु प्रमाण पत्र शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम, सरकारी अस्पताल से प्राप्त किया जा सकता है।
- इसके अलावा ई-मित्र के माध्यम से पहचान पोर्टल पर आॅनलाईन भी मृत्यु पंजीकरण के लिए आवेदन किया जा सकता है एवं प्रमाण पत्र प्राप्त हो सकता है।
- मृत्यु प्रमाण पत्र भी ई-मेल आई.डी. या ई-वॉल्ट में सीधे भेज दिया जाता है।
मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़ी अन्य आवश्यक बातें
- मृत्यु का पंजीकरण करवाना कानूनन अनिवार्य है।
- मृत्यु की सूचना 21 दिन भीतर देकर निःशुल्क प्रमाण पत्र प्राप्त करें।
- यह सूचना परिवारजन या रिश्तेदार दे सकते हैं।
- पुलिस, अस्पताल, होटल, धर्मशाला या जेल प्रभारी अधिकारी भी उनके वहां हुई मृत्यु की स्थिति में सूचना देने के लिये उत्तरदायी हैं।
- अगर 21 दिन से ज़्यादा का समय हो चुका है तो 30 दिनों तक 1 रुपये के विलम्ब शुल्क के साथ पंजीकरण करवाया जा सकता है।
- मृत्यु के 30 दिन से 1 वर्ष तक ज़िला रजिस्ट्रार या अतिरिक्त ज़िला रजिस्ट्रार की लिखित अनुज्ञा आवश्यक है एवं विलम्ब शुल्क लेकर किया जाता है।
- यदि 1 वर्ष से ज़्यादा का समय हो चुका है तो क्षेत्र के कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुज्ञा आवश्यक है एवं विलम्ब शुल्क लेकर किया जाता है।
इन कामों में आवश्यक है मृत्यु प्रमाण पत्र....
- संपत्ति के उत्तराधिकार हेतु
- पेंशन-बीमा के मामले निपटाने हेतु
- संपत्ति दावों को निपटाने हेतु
- भूमि नामांतरण
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त करना
विवाह प्रमाण पत्र बनवाना
- ग्राम पंचायत में रजिस्ट्रार, ग्राम सेवक के पास जाकर या नगर पालिका, नगर परिषद या नगर निगम में रजिस्ट्रार के पास जाकर विवाह पंजीकरण करवाया जा सकता है।
- इसके अलावा ई-मित्र पर पहचान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन द्वारा भी विवाह का आवेदन कर पंजीकरण कराया जा सकता है।
शुल्क
- विवाह पंजीयन शुल्क- 30 दिन में 10 रु. इसके बाद 100 रु.
- विवाह के आवेदन के लिये ई-मित्र संचालक द्वारा 15 रुपये का सर्विस चार्ज लिया जाता है। यदि दस्तावेजों को भी स्कैन कर अपलोड करना होता है तो 20 रुपये का सर्विस चार्ज लिया जाता है। विवाह पंजीयन शुल्क रजिस्ट्रार द्वारा जमा किया जाएगा
विवाह पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
- विवाह पंजीयन हेतु आवेदन पत्र
- वर-वधू के अलग-अलग शपथ पत्र
- दोनों के आयु प्रमाण पत्र
- दो गवाहों के शपथ पत्र
- गवाहों के आई.डी. प्रूफ व पते के दस्तावेज
- वर-वधू के पहचान एवं पते के दस्तावेज
- विवाह का निमंत्रण पत्र (यदि हो)
- वर-वधू की 1-1 पासपोर्ट साइज फोटो व 5x3 सेमी की 3 संयुक्त फोटो
विवाह पंजीकरण का फायदा
- बाल विवाह पर नियंत्रण।
- विवाह के नाम पर धोखाधड़ी पर लगाम।
- विवाह की तारीख संबंधित विवादों से छुटकारा।
- महिलाओं को संपत्ति व उत्तराधिकार मामालों में सुविधा।
- तलाकशुदा/विधवा महिलाओं को गुजारा भत्ता।
ई-मित्र पर ऑनलाइन दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया
- ई-मित्र द्वारा निर्धारित सर्विस चार्ज लेकर आवेदन प्रपत्र के साथ आवेदक का आई.डी. प्रूफ व संयुक्त फोटो अपलोड कर रजिस्ट्रार को भेजा जाता है।
- जानकारी सही होने पर रजिस्ट्रार द्वारा वर-वधू को रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होने की सूचना का एसएमएस भेजा जाता है।
- वर-वधू के उपस्थित होने पर आवश्यक पंजीयन शुल्क जमा कर रजिस्ट्रार द्वारा मूल दस्तावेजों की जांच की जाती है।
- दस्तावेज सही होने पर डिजिटल साइन युक्त विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
- जारी होने पर प्रमाण पत्र आवेदक के ई-मेल पर भेजा जाता है एवं एसएमएस द्वारा रजिस्ट्रेशन की सूचना दी जाती है।
जन्म, मृत्यु और विवाह का पंजीकरण करवाना कानूनन अनिवार्य है। सरकार ने पंजीकरण की इस प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है। हम सभी जन्म, मृत्यु और विवाह का 100 प्रतिशत पंजीकरण करवाएँ।
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